सखी री बरसाने में आज लाडली लिरिक्स | Sakhi Ri Barsane Me Aaj Ladli Lyrics
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Sakhi Ri Barsane Mein Aaj Ladli Pyar Lutati Hai
सखी री बरसाने में आज,लाडली प्यार लुटाती है,
प्यार लुटाती है सखी री,
प्यार लुटाती है।
गुणों की बात ना पूछो,
अवगुणो पे रीझ जाती है,
सखी री बरसाने में आज,
लाडली प्यार लुटाती है।
ना जाने क्या भरा जादू,
है इनके नैन कमलों में,
निहारे कोर करुणा की,
झोलियाँ भर भर जाती हैं,
सखी री बरसाने में आज,
लाडली प्यार लुटाती है।
विराजे ऊँची अटारी पर,
खोल करुणा की पिटारी को,
जिन्हें दुनियां ठुकराती है,
ये सीने से लगाती है,
सखी री बरसाने में आज,
लाडली प्यार लुटाती है।
दया की सिंधु है श्यामा,
कृपा की खान है प्यारी,
जिनके ऊपर ये बरसे,
उन्हें बरसाना बुलाती है,
सखी री बरसाने में आज,
लाडली प्यार लुटाती है।
कहाँ मेरी लाडली श्यामा,
कहाँ ओकात है मेरी,
कभी ये दोष ना देखे,
तभी तो भक्तों को भाती है,
सखी री बरसाने में आज,
लाडली प्यार लुटाती है।
सखी री बरसाने में आज,
लाडली प्यार लुटाती है,
गुणों की बात ना पूछो,
अवगुणो पे रीझ जाती है,
सखी री बरसाने में आज,
लाडली प्यार लुटाती है।